दोनों महिलाओं ने मीरगंज सीएचसी में कोरोना जांच के लिए कराया था पंजीकरण
मीरगंज। सीएचसी मीरगंज में महज कोरोना जांच के लिए पंजीकरण कराने पर आशा वर्कर और एक अन्य महिला को संक्रमित बता दिया। हद तो तब हो गई जब प्रशासन ने इसके गांव को बैरिकेडिंग सील कर दिया, जबकि महिलाएं सैंपल न देने की बात कहती रहीं। बाद में हकीकत पता चली तो दोनों को बुधवार को सीएचसी बुलाकर सैंपल लिए गए, लेकिन महिलाओं के संक्रमित होने की खबर फैलने से गांव में खलबली मच गई।
केस- एक
गांव हल्दी खुर्द की महिला सीएचसी में आशा वर्कर है। महिला के मुताबिक 18 जुलाई को वह सीएचसी गई थी और सैंपल देने के लिए पंजीकरण कराया था। कई घंटे बाद भी सैंपल नहीं लिया गया तो वह घर आ गई। मंगलवार रात उसे फोन कर बताया गया कि वह कोरोना पॉजिटिव है। ये सुनकर वह हैरत में पड़ गई और बताया कि जब उसका सैंपल लिया ही नहीं गया तो पॉजिटिव रिपोर्ट कैसे आ गई, लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। उसे घर में ही 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया और घर के आसपास बल्लियां लगाकर गली सील कर दी गई। बुधवार को दोबारा अस्पताल से फोन आया और उसे अस्पताल बुलाया गया। जहां उसका सैंपल लिया गया।
केस-दो
गांव चुरई दलपतपुर की महिला ने 18 जुलाई को पड़ोस में रहने वाली आशा वर्कर से अस्पताल में दिखाने को कहा था। इस पर आशा वर्कर ने कोरोना जांच के लिए उसका पंजीकरण करा दिया, लेकिन महिला की सास का हाथ टूटने की वजह से वह सैंपल देने नहीं पहुंच पाई। बिना सैंपल लिए उसका नाम भी कोरोना संक्रमितों की सूची में आया गया। जब उसे संक्रमित होने की जानकारी दी गई तो उसके होश उड़ गए कि जब जांच हुई नहीं तो फिर वह पॉजिटिव कैसे हो गई। मामले की जानकारी होने पर पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। बुधवार को वही आशा उसे लेकर अस्पताल पहुंची और कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया।
केस- तीन
गांव ठिरिया बुजुर्ग की जो महिला संक्रमित पाई गई है उसका पता स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गलत फीड करते हुए गांव गुलड़िया कर दिया, जिससे गांव गुलड़िया में भी दहशत फैल गई। बाद में महिला के ठिरिया बुजुर्ग की होने का पता चला तो उन्होंने राहत महसूस की। इसके बाद प्रशासन ने उस महिला के घर के आसपास का इलाका सील कर दिया।
भट्ठा मालिक का गांव किया सील, पर जिला पंचायत सदस्य का नहीं
मीरगंज। गांव नथपुरा निवासी जिला पंचायत सदस्य के संक्रमित होने पर उन्हें घर में ही आइसोलेट किया गया है। उनके गांव को सील नहीं किया गया है, न ही उनके घर के आसपास बैरिकेडिंग की है। वहीं गांव परौरा निवासी भट्ठा मालिक के संक्रमित होने पर प्रशासन ने गांव को पूरी तरह सील कर आवागमन बंद कर दिया है। वहीं गांव बलपुरा निवासी सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मी के संक्रमित होने पर उसका गांव भी सील कर दिया है।
दोनोें महिलाओं ने 18 जुलाई को अस्पताल आकर कोरोना जांच के लिए पंजीकरण कराया था। उन्होंने सैंपल दिए या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। कहीं डाटा फीडिंग में गलती हुई होगी। बुधवार को दोनों महिलाओं का सैंपल लिया गया है। दोनों को क्वारंटीन रहने का कहा गया है। - डॉ. अमित कुमार, सीएचसी प्रभारी मीरगंज