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एनसीटीई के निर्णय से प्रदेश के दो लाख एनआईओएस डीएलएड पास को लाभ 

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एनसीटीई के निर्णय से प्रदेश के दो लाख एनआईओएस डीएलएड पास को लाभ          0 मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के बाद एनसीटीई का बड़ा फैसला                  प्रयागराज। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयीय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से डीएलएड कोर्स करने वालो को शिक्षक भर्ती में आवेदन की अनुमति दे दी है। एनसीटीई के इस निर्णय का लाभ उत्तर प्रदेश के लगभाग दो लाख डीएलएड पास अभ्यर्थियों को मिलेगा। अब डीएलएड पास यह अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा और शिक्षक भर्ती में आवेदन कर सकेंगे। एनसीटीई के इस निर्णय की जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्री ने भी ट्वीट करके दी। उन्होंने कहा कि एनसीटीई ने पटना हाईकोर्ट के निर्णय को मानते हुए डीएलएड पास अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला लिया है। केन्द्र सरकार ने 2017 में देश भर में निजी स्कूलों में पढ़ा रहे अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए एनआईओएस को जिम्मेदारी सौंपी थी। एनआईओएस ने देश भर के 14 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों को पंजीकृत कर डीएलएड का प्रशिक्षण दिया। इन शिक्षकों ने 18 महीने का प्रशिक्षण और छह महीने का शिक्षण अनुभव पूरा किया। कोर्स पूरा होने के बाद जब डीएलएड पास इन अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया तो एनसीटीई ने दो वर्ष का प्रशिक्षण पूरा नहीं करने के कारण एनआईओएस डीएलएड को मान्य नहीं किया। केंद्र सरकार के आदेश के बाद शुरू हुए कोर्स को केंद्र की संस्था एनसीटीई की ओर से अमान्य किए जाने के बाद अभ्यर्थियों ने सरकार से गुहार लगाई। कोई सुनवाई नहीं होते देख कुछ अभ्यर्थियों ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। पटना हाईकोर्ट ने डीएलएड पास अभ्यर्थियों के पक्ष में निर्णय दिया औऱ उन्हें सभी शिक्षक भर्ती में शामिल होने की अनुमति दी। कोर्ट के आदेश के बाद मानव संसाधन विकास मंत्री ने अभी कुछ दिन पहले कहा था कि एनसीटीई पटना हाईकोर्ट के फैसले को स्वीकार कर लेगा औऱ डीएलएड अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में शामिल होने की अनुमति दे देगा। उनके बयान के सप्ताह भर के भीतर एनसीटीई की ओर से उपसचिव डॉ विजय कुमार आर ने यह पत्र जारी किया है।         एनआईओएस के वरिष्ठ अधिकारी एवं क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि पूरे देश में लगभग 14 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों को डीएलएड का प्रशिक्षण दिया गया था। इसमें सबसे अधिक 2.17 लाख बिहार, लगभग दो लाख उत्तर प्रदेश, लगभग एक-एक लाख मध्यप्रदेश औऱ पश्चिम बंगाल से थे जबकि शेष दूसरे राज्यों से प्रशिक्षु थे। एनआईओएस इलाहाबाद के डीएलएड कोर्स के कोऑर्डिनेटर चिंतामणि सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग दो लाख पंजीकरण हुआ था, इसमे 1.51 लाख ने डीएलएड पूरा किया। उन्होंने एनसीटीई के फैसले की सराहना की है।
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