इस बार भी उनके समर्थक यह मान कर चल रहे थे कि अभिलाषा हैट्रिक मारेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अभिलाषा के साथ ही टिकट के कई अन्य दावेदार जिसमें जिसमें डा. कीर्तिका अग्रवाल, डा. एलएस ओझा, गणेश केसरवानी, कुमार नारायण, डा. सुशील सिन्हा, अखिलेश सिंह, मुरारी लाल अग्रवाल आदि के नाम शामिल हैं उन सभी की उम्मीदों को भी झटका लगा है। महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी कहते हैं कि पार्टी का हर निर्णय उन्हें स्वीकार है। पार्टी जिसे भी प्रत्याशी बनाएगी, उसके साथ संगठन खड़ा है।
ओबीसी में भाजपा के पास कई चेहरे
पिछले दिनों भाजपा से मेयर के लिए तमाम नेताओं ने आवेदन किया था। यह संख्या 40 से ज्यादा की थी। इसमें पिछड़ी जाति के भी लोग शामिल थे। फिलहाल अब सामान्य जाति के उम्मीदवारों के माइनस हो जाने के बाद ओबीसी के जो चेहरे सामने हैं उसमें काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा कविता यादव, पूर्व विधायक दीपक पटेल, विवेक जायसवाल, भाजपा के वरिष्ठ नेता पदुम जायसवाल, पूर्व उपमहापौर अनामिका चौधरी, धनंजय सिंह पटेल, पार्षद किरन जायसवाल, दिलीप चौरसिया, मनोज कुमार कुशवाहा, राजेश कुमार गुप्ता के नाम प्रमुख रूप से शामिल है।
अभिलाषा के सामने लोकसभा चुनाव का भी विकल्प
लगातार दो बार मेयर बन चुकी अभिलाषा गुप्ता ओबीसी सीट होने की वजह से भले ही चुनाव न लड़ सके, लेकिन उनके सामने वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव का विकल्प है। चर्चा है कि अभिलाषा इलाहाबाद संसदीय सीट से वर्ष 2024 में ताल ठोंक सकती हैं। हालांकि यह तब संभव होगा जब वर्तमान सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी चुनाव न लड़े या फिर पार्टी उन्हें एक और मौका फिर से न दें। उनकी उम्र को देखते हुए इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी शायद 2024 में उम्मीदवार बदलने का निर्णय ले सकती है। हालांकि अभिलाषा गुप्ता नंदी ने अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं।
पिछले पांच बार से सामान्य जाति के ही चुने जा रहे मेयर
प्रयागराज नगर निगम मेें पिछली बार से सामान्य जाति के ही मेयर चुने जा रहे हैं। यहां जनता द्वारा पहला मेयर डॉ. रीता बहुगुणा जोशी को चुना गया था। उसके बाद वर्तमान एमएलसी डा. केपी श्रीवास्तव मेयर चुने गए। उसके बाद डा. केपी श्रीवास्तव इस पद पर जनता द्वारा चुने गए। डा. केपी के बाद चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह जनता द्वारा निर्वाचित किए गए। वर्ष 2012 एवं 2017 से अभिलाषा गुप्ता इस पद पर लगातार दो बार निर्वाचित हुईं।