इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि व शाही ईदगाह विवाद मामले की सुनवाई की। मुस्लिम पक्ष ने वाद बिंदु निर्धारण से पहले मुकदमों के एक साथ सुनवाई के आदेश के खिलाफ दाखिल पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र (रिकॉल आवेदन) तय करने की गुहार लगाई। इस पर कोर्ट ने हिंदू पक्षकारों से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति मंयक कुमार जैन की अदालत मामले की सुनवाई कर रही है। अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वरिष्ठ अधिवक्ता तसनीम अहमदी ने कोर्ट से प्रार्थना की कि जनवरी 2024 में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले के सभी मुकदमों को एक साथ सुनने का आदेश जारी किया गया था। इसके विरोध में रिकॉल आवेदन दाखिल किया था। लेकिन, इस पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। कोर्ट ने वाद की पोषणीयता पर सुनवाई शुरू कर दी थी।
अहमदी ने कोर्ट से प्रार्थना की कि पहले रिकॉल आवेदन पर सुनवाई की जाए। इसके बाद मुकदमे की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही वाद की पोषणीयता के क्रम में लंबित सभी आवेदनों का निस्तारण किया गया। वहीं, शूट नंबर सात में लिखित कथन निर्धारित समय में दाखिल न करने पर मुस्लिम पक्ष को कोर्ट ने एक्स पार्टी घोषित कर दिया था। इस मामले में भी मुस्लिम पक्ष ने रिकॉल आवेदन दाखिल किया है।
वहीं, शूट नंबर 13 के अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने कोर्ट में वाद बिंदू दाखिल किया है। साथ ही कोर्ट से प्रार्थना की है कि इन्हीं बिंदुओं के आधार पर मामले का शीघ्र निस्तारण किया जाए। वादी आशुतोष पांडेय ने प्रार्थना पत्र दाखिल कर प्रतिदिन सुनवाई किए जाने की मांग की है। अधिवक्ता हरेराम त्रिपाठी ने कोर्ट से मामले के सभी कागजात जमा करने के लिए अलग से काउंटर बनाने की प्रार्थना की है।