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Prayagraj News: राजस्व परिषद के सामने नगर निगम ने गिराईं तीन दर्जन से अधिक दुकानें

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नगर निगम ने सोमवार को राजस्व परिषद के सामने वाली सड़क पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर तीन दर्जन से अधिक दुकानें गिरा दीं। इनमें से कई 50 वर्ष से भी अधिक पुरानी थीं। दुकानदारों ने विरोध किया, लेकिन फोर्स की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रही।
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महाकुंभ के मद्देनजर मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुंदरीकरण किया जा रहा है। इसके विपरीत सड़क पर तीन दर्जन से अधिक दुकानें थीं, जिन्होंने निर्माण करा लिया था। इनमें से 29 तो नगर निगम व प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से आवंटित दुकानें थीं। इसके अलावा भी कई अन्य दुकानें थीं। नगर निगम की ओर से दुकानें हटाने के लिए लगातार कहा जा रहा था। दुकानदारों को नोटिस देने के साथ वाहन से घोषणा भी कराई गई।
दुकानदारों ने सामान तो हटा लिया था, लेकिन दुकान से हटना नहीं चाह रहे थे। दुकानदारों ने अभियान का तीव्र विरोध किया। उन्होंने निगम व प्राधिकरण से दुकानें आवंटित किए जाने की रसीद भी दिखाई। इसके अलावा उनका यह भी कहना था कि मामला न्यायालय में है। इसके बाद भी निगम की कार्रवाई नहीं रुकी और कुछ को छोड़कर अन्य दुकानें गिरा दी गईं।
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अफसरों का कहना था कि दो दुकानें प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने आवंटित की थीं। अभियान के दौरान उनके अफसर मौजूद नहीं थे। इसकी वजह से वे दुकानें छोड़ी गई हैं। लेकिन, एक-दो दिनों में उन्हें भी गिराया जाएगा। चार घंटे से अधिक समय तक चली कार्रवाई के दौरान दुकानदार तो वहां मौजूद रहे ही, सड़क से गुजर रहे लोग भी खड़े हो गए।
प्रवर्तन प्रभारी कर्नल दिनेश तंवर का कहना है कि दुकानदारों ने 2016 से किराया जमा नहीं किया है। पीडीए से आवंटित दुकानों का भी 2016 से किराया जमा नहीं हुआ है। महाकुंभ के मद्देनजर सड़क चौड़ीकरण का कम चल रहा है। इसलिए कई बार दुकानें हटाने का नोटिस दिया गया। इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई है। अपर नगर आयुक्त अरविंद राय का कहना है कि सड़क से सभी दुकानें हटाई जाएंगी। कुछ दुकानें जो रह गई हैं उन्हें भी हटाया जाएगा।
सहमति देने वालों को आवंटित की जाएंगी नई दुकानें
सड़क के दोनों तरफ दुकानें भी बनाई जाएंगी। ये दुकानें दो मीटर लंबी और दो मीटर चौड़ी होंगी। दुकानें संबंधित मार्ग के दुकानदारों को ही आवंटित की जाएंगी। लेकिन, इसके लिए शर्त भी लगाई गई है। ध्वस्तीकरण के दौरान दुकानदारों से इसकी सहमति भी ली गई। सहमति भी लिखित में ली गई। इसके अलावा ध्वस्तीकरण से पहले दुकान के साथ उनके फोटो भी लिए गए। कर्नल दिनेश तंवर ने बताया कि लिखित सहमति देने वालों को ही नई दुकानें आवंटित की जाएंगी। इसके विपरीत कई दुकानदारों ने न्यायालय में जाने की बात कही। उन पर निर्णय न्यायालय के आदेश के क्रम में लिया जाएगा।
मूल आवंटियों ने बेच दीं दुकानें, अब नहीं होगा आवंटन
राजस्व परिषद के सामने नगर निगम की ओर से आवंटित दुकानें कई मूल आवंटियों ने दूसरों को बेच दीं। खरीद-फरोख्त मौखिक तौर पर हुई है। ऐसे दुकानदारों को नई दुकानें आवंटित नहीं की जाएंगी। अफसरों का कहना है कि मूल आवंटियों को ही दुकानें आवंटित की जाएंगी।
दुकानों के साथ स्ट्रीट फूड कल्चर पर भी चला बुलडोजर
राजस्व परिषद के सामने अतिक्रमण के खिलाफ सोमवार को चले अभियान के दौरान दुकानों के साथ स्ट्रीट फूड कल्चर पर भी बुलडोजर चला। इस मार्ग पर राजस्व परिषद के अलावा एजी ऑफिस, पुलिस मुख्यालय, शिक्षा निदेशालय, राजकीय मुद्रणालय समेत अनेक कार्यालय हैं। इनमें हजारों अफसरों और कर्मचारियों के अलावा बड़ी संख्या में लोग भी आते हैं। इसकी वजह से इस मार्ग पर खाना, चाय-नाश्ते की कई दुकानें थीं। इनमें से कई तो 50 साल से भी अधिक पुरानी हैं।
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