महाकुंभ में जाएंगी यूपी रोडवेज की बसें
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पौष पूर्णिमा की तर्ज पर यूपी रोडवेज ने मकर संक्रांति पर भी प्रदेश के सभी जिलों के लिए बसों का संचालन किया। वाराणसी, अयोध्या रूट पर सबसे ज्यादा बसें चलाई गई। प्रयागराज में बनाए गए सभी अस्थायी बस स्टेशनों से मंगलवार रात दस बजे तक तकरीबन तीन हजार बसें चलाई जा चुकी थीं। देर रात तक बसों का संचालन किए जाने की बात रोडवेज अफसरों ने कही।
वहीं, बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन बसों की आवाजाही के लिए बंद रहेगा। संक्रांति पर पड़ोसी राज्य हरियाणा और उत्तराखंड से भी रोडवेज की बसों का प्रयागराज आवागमन हुआ। उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश और हरियाणा के रोहतक, हिसार आदि जिलों से रोडवेज बसों का संचालन हुआ।
प्रयागराज में झूंसी, बेली कछार, नैनी और नेहरू पार्क में बने अस्थायी बस स्टेशनों से बसों का संचालन हुआ। गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़ रूट की बसें सिविल लाइंस की जगह झूंसी से चलीं। संगम स्नान के बाद देवरिया आदि शहरों के लिए जाने तमाम श्रद्धालु सिविल लाइंस पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि बसें झूंसी से मिलेंगी।
देवरिया के राम कुबेर पाठक ने कहा कि अगर मेला क्षेत्र में ही इसका एनाउंसमेंट करवा दिया जाता तो उन्हें इतनी दूर पैदल चलकर नहीं आना पड़ता। उनके जैसे तमाम लोग सिविल लाइंस बस स्टेशन पहुंचे, लेकिन बसें न मिलने से सभी प्रशासनिक व्यवस्था को कोसते हुए चले गए। वहीं, मंगलवार को सभी 550 शटल बसों का संचालन निर्धारित रूट पर हुआ।