इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) ने परास्नातक (पीजी) के 20 से अधिक पाठ्यक्रम संशोधित कर दिए हैं। इविवि की एकेडमिक कौंसिल से मंजूरी मिली चुकी है और अब कार्य परिषद में अंतिम मुहर लगने के बाद सत्र 2024-25 से इन्हें लागू कर दिया जाएगा।
इनमें से कई पाठ्यक्रम ऐसे हैं, जिनमें काफी समय से कोई संशोधन नहीं किया गया था। संशोधित पाठ्यक्रमों में कई इलेक्टिव पेपर भी शामिल किए गए हैं और कुछ पेपर पाठ्यक्रम से हटाए गए हैं। पाठ्यक्रमों में संशोधन वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। दरअसल, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने प्रत्येक दो वर्ष में पाठ्यक्रम को अपडेट करने की व्यवस्था लागू की है।
इसके तहत पिछले वर्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय में परास्नातक के सभी विषयों की समीक्षा शुरू की गई थी। समीक्षा के बाद सभी विभागों ने पीजी से संबंधित विषयों के संशोधित पाठ्यक्रम तैयार किए गए। हालांकि, पाठ्यक्रम में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया गया। विभागाध्यक्षों का कहना है कि पाठ्यक्रम का स्ट्रक्चर पहले जैसा है। इसमें कंटेंट को लेकर कुछ बदलाव किए गए हैं।
विषय के कुछ टॉपिक स्नातक के साथ परास्नातक में भी पढ़ाए जा रहे हैं। इससे छात्रों को एक ही कंटेंट को दो बार पढ़ने बढ़ रहे थे। इस दोहराव से बचने के लिए इन्हें पीजी के सिलेबस से हटाया गया है और इनकी जगह कुछ नए कंटेंट शामिल किए गए हैं। संशोधित किए गए पाठ्यक्रम कार्य परिषद से मंजूरी मिलने के बाद लागू कर दिए जाएंगे।
वहीं, इविवि में नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक के चार वर्षीय पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिए गए हैं। फिलहाल इन्हें अभी लागू नहीं किया गया है। वर्तमान में तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम ही संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें बीए, बीएससी, बीकॉम शामिल हैं। चार वर्षीय पाठ्यक्रम जब लागू किए जाएंगे, तब स्नातक में सेमेस्टर प्रणाली लागू हो जाएगी और स्नातक का पाठ्यक्रम कुल आठ सेमेस्टर का होगा।