मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजीडेंट कार्तिकेय श्रीवास्तव (27) शनिवार रात अपनी कार के भीतर मृत पड़े मिले। घटना स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल की पार्किंग में हुई। डॉक्टर का शव कार की ड्राइविंग सीट पर मिला। पास में ही एनेस्थीसिया में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन के दो वाॅयल और सिरिंज मिली। प्रारंभिक जांच पड़ताल के बाद पुलिस अफसरों ने खुदकुशी की आशंका जताई है।
डॉ. कार्तिकेय पुत्र कृष्ण कुमार श्रीवास्तव मेडिकल कॉलेज से पीजी की पढ़ाई कर रहे थे। यह उनका दूसरा वर्ष था। वह मूल रूप से उत्तराखंड के कोटद्वार जिला के अपार कालावड मोहल्ले के रहने वाले थे। इन दिनों वह स्टेनली रोड पर किराये के मकान में अपने माता-पिता के साथ रहते थे। पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह 10 बजे से उनकी ड्यूटी थी, लेकिन वह नहीं आए।
रात में 10:30 बजे के करीब वह एसआरएन अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में स्थित वाहन पार्किंग में अपनी कार के भीतर मृत पड़े मिले। साथी डॉक्टरों ने सूचना दी तो मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर और जूनियर डॉक्टरों के अलावा पुलिस भी पहुंच गई। डीसीपी नगर अभिषेक भारती का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।
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अवसाद में होने की भी रही चर्चा, कारण स्पष्ट नहीं
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस बात की भी चर्चा रही कि डॉक्टर पिछले कुछ दिनों से अवसाद में थे। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी और यह भी नहीं स्पष्ट हो सका कि अवसाद किस बात को लेकर था। यह भी बात सामने आई की कुछ दिनों पहले उन्हें नर्वस सिस्टम की दिक्कत भी हुई थी। इसके चलते उनके पैर की नसों में तकलीफ रहती थी। जब उनके माता-पिता से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने ऐसी कोई जानकारी होने से इन्कार कर दिया।
फोरेंसिक टीम ने कब्जे में लिए वाॅयल और सिरिंज
घटना की जानकारी पर डीसीपी नगर के साथ ही एडिशनल डीसीपी श्वेताभ पांडेय, एसीपी मनोज कुमार सिंह कोतवाली और शाहगंज थाने की फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया जिसने मौके से बरामद इंजेक्शन वाॅयल और सिरिंज को अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही गाड़ी के भीतर मिले फिंगर प्रिंट के नमूने भी एकत्र किए।
बिलखती रहीं मां, क्या गलती हो गई बेटा?
पिता कृष्ण कुमार श्रीवास्तव कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थे तो मां प्रतिभा बेटे को याद कर फूट-फूट कर रोती रहीं। बार-बार कहती रही कि मुझे क्या गलती हो गई बेटा? घटना की जानकारी पर बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर भी पहुंच गए थे और सभी गमगीन रहे।