बरेली। शाहजहांपुर स्थित वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज व रोहिलखंड हॉस्पिटल के एमबीबीएस अंतिम वर्ष की परीक्षा में फेल किए गए विद्यार्थियों को राहत देने के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से कवायद शुरू हो गई है। अब रुविवि प्रशासन छात्र-छात्राओं के हित में औसत अंक देने या दोबारा परीक्षा कराने पर विचार कर रहा है। दरअसल, एमबीबीएस अंतिम वर्ष में जनरल मेडिसिन के आंतरिक प्रयोगात्मक परीक्षा में 96 विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया था। इसके बाद जांच में दोषी मिलने पर विभागाध्यक्ष को निष्कासित और परीक्षक को निलंबित कर दिया गया था। इसमें चार विषयों में से तीन में विद्यार्थी पास हुए, जबकि चौथे विषय जनरल मेडिसिन के प्रैक्टिकल में 141 में से 96 विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया। अब रुविवि प्रशासन फेल विद्यार्थियों को राहत पहुंचाने का रास्ता तैयार कर रहा है। मीडिया सेल प्रभारी डॉ. अमित सिंह के अनुसार, रुविवि प्रशासन दोनों ही पहलुओं पर विचार कर रहा है। जल्द ही कोई न कोई रास्ता निकाल लिया जाएंगा। संवाद