Magh Mela 2023 : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम में लगाई डुबकी।
- फोटो : अमर उजाला।
मौनी अमावस्या पर शनिवार को त्रिवेणी मार्ग स्थित शंकराचार्य शिविर में नैष्ठिक ब्रह्मचर्य दीक्षा अनुष्ठान किया गया। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चार बटुकों को ब्रह्मचर्य की दीक्षा दी। सबसे पहले प्रायश्चित रूपक, फिर क्षौर कर्म कराया गया।
दीक्षा के क्रम में वर्तमान नाम बदलकर नए नाम रखे गए। इसके तहत गोरखपुर के दुर्गेश तिवारी का नाम परमानंद ब्रह्मचारी, बगासपुर मध्य प्रदेश के घनश्याम गौतम का नाम मुक्तानंद ब्रह्मचारी, महेश चंद्र का नाम अभयानंद ब्रह्मचारी और राम कुमार का नाम बदलकर रामभवानंद ब्रह्मचारी रखा गया।
पर्व पर संगम में डुबकी लगाने के बाद शंकराचार्य छत्तीसगढ़ के विलासपुर के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने माघ पर्व संदेश जारी किया। इसके माध्यम से शंकराचार्य ने प्रयागराज के महात्म्य का बखान करते हुए पूज्य पुरुषों के अपमानजनक दृ़श्यों को देखने पर लगने वाले पाप से बचने की सीख दी।