सिपाही भर्ती पेपर लीक प्रकरण का मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा भर्ती परीक्षाओं में सेंधमारी करने के साथ ही दाखिला रैकेट भी चलाता था। वह शहर में एक कंसल्टेंसी चलाता था, जिसका कार्यालय जार्जटाउन में खोला गया था। यहां वह एमबीबीएस से लेकर इंजीनियरिंग तक किसी भी सीट पर दाखिला दिलाने का दावा करता था। इसके एवज में छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों से मोटी रकम भी ऐंठता था।
जार्जटाउन में सीवाई चिंतामणि रोड पर स्थित एक मकान में यह कार्यालय खोला गया था। इसक नाम एडमिशन दिलाओ डॉट कॉम था। जार्जटाउन थाने से चंद कदमों की दूरी पर यह कार्यालय स्थित था। यहां राजीव नयन व उसका एक साथी बैठता था। दोनों दावा करते थे कि एमबीबीएस से लेकर इंजीनियरिंग तक किसी भी कोर्स में वह चुटकी बजाते हुए दाखिला करा सकते हैं।
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मेडिकल स्ट्रीम में वह एमबीबीएस के अलावा बीएएमएम, बीएचएमएस, बीडीएस, एग्रीकल्चर, नर्सिंग, बी फार्मा व डी फार्मा और इंजीनियरिंग स्ट्रीम में कंप्यूटर साइंस, सिविल, मेकैनिकल, इलेक्टि्कल आदि कोर्स में नामचीन संस्थानों में दाखिला दिलाने का दावा करते थे। यही नहीं मैनेजमेंट संबंधी कोर्स में भी तुरंत दाखिला दिलाने की बात कहते थे। सिर्फ प्रयागराज ही नहीं, दिल्ली, नोएडा, भोपाल, मुंबई, पटना व गुजरात के वापी में स्थित कॉलेजों में भी अपनी पकड़ होने का दावा करते थे। इसके एवज में वह मोटी रकम ऐंठते थे।
मौजूदा समय में चलता है प्लेस्कूल
जार्जटाउन में जिस मकान में राजीव नयन व उसका साथी कार्यालय चलाते थे, मौजूदा समय में वहां प्ले स्कूल चल रहा है। सूत्राें का यह भी कहना है कि मप्र संविदा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा में राजीव नयन के पकड़े जाने के बाद ही उसका कार्यालय भी बंद हो गया।
15 दिन पहले शहर आने की भी चर्चा
उधर मास्टरमाइंड राजीव नयन के बारे में यह भी चर्चा है कि सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने के बाद भी वह शहर में पहुंचा था। 15 दिन पहले वह जार्जटाउन में एपेक्स चौराहे के पास कुछ लोगों से मिलने पहुंचा था। चर्चा यह भी है कि उसे जिनके साथ देखा गया, उनमें एक पुलिसकर्मी था। यह पूर्व में प्रतापगढ़ में तैनात रह चुका है। हालांकि, इस सूचना की पुष्टि नहीं हो सकी।