क्रियायोग आश्रम एवं अनुसंधान संस्थान को भूमि आवंटित किए जाने से पहले ही संगम से 10 किमी दूर मेले के उत्तरी छोर पर बसावट के लिए टेंट प्रदाता कंपनी के ठेकेदार का फोन आने से संस्था के पदाधिकारी हैरान हैं। दरअसल, इस वैश्विक संस्था को अभी तक मेले में भूमि आवंटित नहीं हुई है।
स्वामी योगी सत्यम ने इसे कुछ अफसरों की साजिश करार देते हुए महाकुंभ में बसने से इन्कार कर दिया है। पीएमओ के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को भेजे शिकायती पत्र में उन्होंने कहा है कि भूमि आवंटन से पहले 25 अक्तूबर 2024 की तिथि में टेंट प्रदाता कंपनी लल्लूजी डेरावाले के पास पर्ची पहुंचा कर सेक्टर-12 में शिविर लगाने का ठेका किस आधार पर और किसकी ओर से दिया गया, इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
योगी सत्यम का कहना है कि मेले में एक ऐसे अफसर की तैनाती की गई है, जिन्होंने वर्ष 2012 में क्रियायोग आश्रम पर बिना किसी आदेश के एक महंत के इशारे पर बुलडोजर चलवा दिया था। मुक्ति मार्ग पर क्रियायोग आश्रम एवं अनुसंधान संस्थान का शिविर 2013 में भी लगा था, लेकिन 2019 में स्थान परिवर्तित कर दिया गया।
क्रियायोग आश्रम को ओल्ड जीटी मार्ग पर भूमि दी जा रही है। 2019 में उनको वहीं भूमि दी गई थी। उनसे वार्ता की जा रही है, ताकि रास्ता निकाला जा सके। विजय किरन आनंद, मेलाधिकारी।
मुक्ति मार्ग पर जमीन नहीं मिलेगी तो मेले में नहीं जाऊंगा। अपने संतोष के लिए न्याय पाने का रास्ता अख्तियार करूंगा।- योगी सत्यम