कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही एवं सुस्ती अब अफसरों पर भारी पड़ती दिख रही है। महाकुंभ के ज्यादातर निर्माण कार्य पीछे हैं। मेला क्षेत्र में तो काम अभी शुरू ही नहीं हो पाया है। मेला प्रशासन के सामने चुनौती है कि रविवार को प्रयागराज आ रहे मुख्यमंत्री को क्या दिखाया जाए।
महाकुंभ की दृष्टि से कराए जा रहे 384 निर्माण कार्यों में 75 से अधिक ऐसे हैं जिनका अभी तक 50 फीसदी भी काम पूरा नहीं हुआ है। पीडीए के 15 सड़कों तथा दो फ्लाईओवर का काम तो नवंबर में भी पूरा नहीं हो पाने की बात कही जा रही है। जबकि, इस लेटलतीफी को देखते हुए ही प्रमुख सचिव नगर विकास ने 15 नवंबर तक काम पूरा करने का मौका दिया है। जबकि, पूर्व में 31 अक्तूबर ही तारीख की गई थी।
कार्यों की प्रगति को इससे ही समझा जा सकता है कि हनुमान मंदिर काॅरिडोर का काम अभी मौके पर नहीं दिख रहा। इसी तरह से रिवर फ्रंट रोड का काम भी रुक गया है। हालांकि, मंडलायुक्त ने जहां से पानी निकल गया है, वहां काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सबसे ज्यादा शिकायत पीडीए की ओर कराए जा रहे सड़क चौड़ीकरण एवं नाली निर्माण को लेकर हैं। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि चेतावनी के बाद छतनाग पर ही आनन-फानन में सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया गया है, जबकि अभी तक नाली निर्माण का काम भी पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा बिजली के पोल हटाने का काम भी समानांतर चल रहा है। यही स्थिति अन्य सड़कों की भी है।
इसी तरह से लोक निर्माण विभाग की 19, पर्यटन के पांच निर्माण कार्य भी काफी पीछे हैं। मेला क्षेत्र की स्थिति तो और चिंताजनक है। पानी होने की वजह से मेला क्षेत्र में अभी कोई काम शुरू नहीं हो सका है। बिजली विभाग की ओर से परेड में शुक्रवार को अस्थाई विद्युत उपकेंद्र के लिए भूमि पूजन किया गया लेकिन अन्य कोई काम शुरू नहीं हो पाया है।
इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के निरीक्षण कार्यक्रम को काफी सीमित रखा गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वह मोटरबोट से निरीक्षण करेंगे लेकिन किला घाट से सिर्फ संगम तक जाएंगे। इसके अलावा अन्य निरीक्षण कार्यों में अक्षयवट, हनुमान मंदिर कॉरिडोर, अलोपी देवी, भरद्वाज आश्रम, वेणीमाधव मंदिर ही शामिल हैं। इनके अलावा आईईआरटी फ्लाईओवर तथा नैनी में दो सड़कों के निरीक्षण का कार्यक्रम ही प्रस्तावित है।
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जाम और सड़कों पर गड्ढों से हलकान शहरी
प्रयागराज। निर्माण कार्यों में लापरवाही ने शहरियों का जीवन भी कठिन कर दिया है। पूरे शहर में सड़कों पर गड्ढे हैं। इसके अलावा शहरी जाम से भी परेशान हैं। अलोपीबाग फ्लाईओवर निर्माण के कारण घंटों जाम लगा रहता है। इसे लेकर पिछले महीने आए मुख्यमंत्री से महापौर तथा पार्षदों ने पीडीए की कार्यशैली को लेकर शिकायत भी की थी। इसके बाद भी लोगों की परेशानी बनी हुई है।
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16 अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई का आदेश लेकिन हुआ कुछ नहीं
- प्रमुख सचिव नगर निगम अमृत अभिजात ने निरीक्षण के बाद काम में लापरवाही करने वाले अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था। इसी क्रम में मेलाधिकारी विजय किरन आनंद की ओर से पीडीए, लोक निर्माण विभाग तथा नगर निगम के 16 अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा था। उन्होंने अभियंताओं के नाम की सूची भी दी थी। मेलाधिकारी ने दो दिनों में कार्रवाई करके अवगत कराने के लिए भी कहा था लेकिन पांच दिनों बाद भी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
नगर निगम के ठेकेदार मुख्यमंत्री को देंगे ज्ञापन
प्रयागराज। मुख्यमंत्री को नगर निगम के ठेकेदार 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपेंगे। उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए ठेकेदारों ने निगम के खिलाफ आंदोलन किया था। उन्होंने 10 सूत्रीय मांग पत्र भी मुख्य अभियंता को सौंपा था। ठेकेदार संघ की शुक्रवार को हुई बैठक में आरोप लगाया गया कि आश्वासन के बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की। बैठक में मो.इरफान, राजेश सोनकर, मुश्ताक अहमद, नोमान शकील आदि मौजूद रहे। ब्यूरो