महंत रवींद्र पुरी, अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद।
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निरंजनी अखाड़े की ओर से इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया को अमृत स्नान मेंं साथ लेकर जाने के एलान से नाराज संन्यासी ने निरंजनी अखाड़े में हंगामा किया। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी से अभद्रता करते हुए फैसला वापस लेने को धमकाने लगा। वहां मौजूद संतों ने किसी तरह युवा संन्यासी को काबू में कर पुलिस के हवाले किया।
बुधवार दोपहर बारह बजे अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी निरंजनी अखाड़ा छावनी मेंं बने चेहरा-मेहरा में शिष्यों से चर्चा कर रहे थे। उसी समय एक युवा संन्यासी पहुंचकर हर्षा रिछारिया को रथ पर बिठाकर स्नान कराने के फैसले को गलत ठहराते हुए इसका विरोध करने लगा। फैसला वापस लेने की मांग करने लगा। महामंडेलश्वर डाॅ. अन्नपूर्णा गिरि ने जब उसे रोकने की कोशिश तब उनके साथ भी अभद्रता की। शोर-शराबा सुनकर दर्जनों साधु-संत भी जमा हो गए।
श्रीमहंत शंकारानंद, श्रीमहंत ओमकार गिरि, श्रीमहंत दिनेश गिरि ,श्रीमहंत राधे गिरि आदि ने उसे शांत कराने की कोशिश की लेकिन, वह धर्म एवं परंपरा के खिलाफ बताते हुए फैसला वापस लेने पर अड़ा रहा। चोहरा-मोहरा में मौजूद संतों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सचिव श्रीमहंत राम रतन गिरि के मुताबिक आरोपी ने महामंडलेश्वर स्वामी अन्नपूर्णा भारती से भी अभद्रता की। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मेला प्रशासन से लिखित शिकायत की है। अभी तक युवा संन्यासी की पहचान नहीं हो सकी है।