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चार घंटे तक आज ग्रहण काल में रहेंगे भगवान सूर्य

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प्रयागराज। वर्ष के पहले सूर्य ग्रहण का दुर्लभ नजारा रविवार को हर किसी के लिए खास होगा। सुबह 9:16 बजे से आरंभ हो रहे इस ग्रहण को चार घंटा 10 मिनट तक की लंबी अवधि तक निहारा जा सकेगा। सबसे अहम बात यह है कि इस सूर्यग्रहण पर छह ग्रह वक्री होंगे। इससे 12घंटा पहले शनिवार की रात सूतक काल आरंभ हो गया। सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद हो गए। संगमनगरी में इस बार 83 प्रतिशत तक ग्रहण देखा जा सकेगा। सूतक लगते ही शनिवार की रात 10:30 बजे मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। इसी के साथ रविवार को ग्रहण के मोक्षकाल तक मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। संगम स्थित बड़े हनुमान, मां अलोपशंकरी, मां कल्याणी देवी, मां ललिता देवी, हनुमत निकेतन, न्यायविद् हनुमान, अलौकिक शनि धाम, तक्षक तीर्थ, पड़िला महादेव, सोमेशेवर महादेव समेत शहर के अन्य मंदिरों के कपाट सविधि पूजन आरती के साथ बंद कर दिए गए। सूर्य ग्रहण से पहले सूतक काल में सभी शुभ कार्य भी स्थगित कर दिए गए। इसी के साथ भगवान सूर्य के मोक्ष की कामना से मंदिरों, मठों के बाहर और घरों में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए भजन -कीर्तन शुरू कर दिया गया। कहीं हनुमान चालीसा तो कहीं सुंदरकांड के पाठ भी लोगों ने आरंभ कर दिए है। रविवार को संगम में स्नान कर मंत्रों का जाप और ईष्ट देव का लोग ध्यान करेंगे। ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार सूतक काल में लोगों को अन्न जल नहीं ग्रहण करना चाहिए और ना ही देव मूर्तियों को स्पर्श करना चाहिए। हालांकि बालक, वृद्ध और रोगी के लिए यह प्रतिबंध नहीं है। इनसेट ग्रहण पर छह ग्रह होंगे वक्री प्रयागराज। वर्ष के पहले सूर्य ग्रहण पर रविवार को छह ग्रह वक्री होंगे। ग्रहण काल में राहु और केतु तो हमेशा वक्री रहते ही हैं, इस बार शनि, बुध, गुरु और शुक्र भी वक्री रहेंगे। ऐसे में ग्रहों की विपरीत दशा से बचने के लिए तिल, गुण, अन्न और वस्त्र का दान अवश्य करना चाहिए। ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार छह ग्रहों की वक्री चाल से अक्तूबर तक का समय परेशानी से भरा रह सकता है। इनसेट महाआरती के साथ आज खुलेंगे बड़े हनुमान के पट प्रयागराज। बड़े हनुमान मंदिर के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के निर्देशन में शनिवार की रात महाआरती के सात मंदिर के पट बंद किए गए। पट बंट होने के बाद महंत ने बताया कि सूर्य ग्रहण का मोक्षकाल रविवार की दोपहर 2:31 बजे होगा। इसके बाद बड़े हनुमान मंदिर में लेटे हनुमान जी की प्रतिमा का गंगा जल, दूध और दही से अभिषेक किया जाएगा। शाम चार बजे महाआरती के साथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। ग्रहण काल में करें ये पांच उपाय ----------------------------- -ग्रहण काल को पुण्यकाल माना जाता है। इसलिए इस दौरान कामनापूर्ति के लिए अनुष्ठान करें। -ग्रहण के आरंभ से मोक्ष तक मंत्र जाप, कीर्तन और भजन करें -ग्रहण के समय गंगा या संगम स्नान करने से पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है। -ग्रहण के आरंभ और ग्रहण पूर्ण होने पर भी करें स्नान -ग्रहण के मोक्ष के बाद गरीबों को अन्न, तिल, गुड़, तेल खिचड़ी और वस्त्र का दान करना चाहिए 
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