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183 में से मात्र 47 कारखाने खुले

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प्रयागराज। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे तथा लॉकडाउन की वजह हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं तथा उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि जिले में सवा सौ से अधिक कारखानों में 22 मार्च से ताला लटका हुआ है तथा कोई काम नहीं हो रहा। इसकी वजह से इऩ़़में कार्यरत दो हजार से अधिक कर्मचारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा गया है। श्रम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 183 कारखाने हैं। इनमें तीन हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा हजारों परिवार अप्रत्यक्ष रूप से इन कंपनियों से जुड़ा है लेकिन इन दिनों ज्यादातर के के पास कोई कम नहीं है। लॉकडाउन की वजह से वर्तमान में मात्र 47 कारखाने ही खुले हैं। ये सभी कारखाने कृषि तथा आवश्यक सेवाओं से संबंधित हैं। इनमें एनपीटीसी, फूलपुर इफको के अलावा आटा, खाद्य तेल, बिस्टिक आदि उत्पाद से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि, आवश्यक सेवाओं से जुड़ी कंपनियों को खोलने के लिए अब भी आवेदन आ रहे हैं और जल्द ही कुछ कंपनियों में काम शुरू हो सकता है। उपायुक्त उद्योग अजय चौरसिया ने बताया कि इन कंपनियों में भी उत्पादन शुरू करने के लिए पास जारी किए जाएंगे। साथ ही अन्य मदद पहुंचाई जाएगी। 000 कई दिनों बंदी के बाद शुरू हुईं कंपनियां 0 लगातार 24 घंटे चलनी वाली प्रमुख कंपनियों को छोड़ दें तो अन्य भी लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में बंद रहीं। लॉकडाउन के प्रावधानों में ढील के बाद ये कारखाने खोले गए हैं। इनके कर्मचारियों को अब भी पास जारी किए जा रहे हैं। 000 मिलेगा सभी को वेतन 0 सरकार का आदेश है कि कारखाना बंद होने के बावजूद कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जाए। इसके लिए कारखाने खोलने का आदेश दिया गया है। साथ में एकाउंट से जुड़े अफसरों और कर्मचारियों के पास भी जारी किए गए हैं। हालांकि, सरकार के इस आदेश का लाभ गिनती के कर्मचारियों को ही मिलने की बात कही जा रही है। अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े या आउटसोर्सिंग वाले कर्मचारियों के सामने अब भी संकट बना हुआ है।
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