इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या में तीन दोषियों की उम्रकैद को बरकरार रखा। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मुरादाबाद निवासी बलिस्टर, महेश और नरेश की ओर से दायर याचिका पर दिया। मामला 27 सितंबर 1987 का है। मुरादाबाद के कुंदरकी क्षेत्र के बसेरा गांव में राम कुंवर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि एफआईआर घटना के साढ़े चार घंटे के भीतर दर्ज हुई। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की गवाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मेल खाती है। केवल रिश्तेदार होने के आधार पर गवाहों की विश्वसनीयता पर संदेह नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने तीनों को 15 दिन में मुरादाबाद के सीजेएम कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।