जिला अदालत ने जून 2008 में रहिमापुर बाजार में सरेआम धर्मेंद्र सिंह यादव की गोली मारकर हत्या करने के दोषी राजेश यादव निवासी शेरडीह झूंसी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 30 हजार रुपये का अर्थ दंड भी दिया है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश अनीता (प्रथम) ने दिया है।
वादी शैलेंद्र कुमार यादव ने झूंसी थाने पर सूचना दी थी कि 30 जून 2008 को चार बजे शाम को रहीमापुर बाजार में चंद्रभान उर्फ बाबा, राजेश, ज्ञानचंद ने उसके बड़े भाई धर्मेंद्र सिंह यादव की गोली मारकर हत्या कर दी।
मामले के अन्य आरोपितों चंद्रभान यादव, बचई लाल एवं जगदीश नरायण का फैसला 30 अक्टूबर 2014 को हो गया था। विचारण के दौरान उपरोक्त आरोपी राजेश यादव फरार हो गया था।
अभियोजन ने वादी मुकदमा शैलेंद्र कुमार यादव, आलोक कुमार, डॉ राजेश श्रीवास्तव, विवेचक दिनेश प्रकाश पांडे एवं उमेश चंद्र पांडे सहित 14 गवाहों की मौखिक गवाही करा कर मामले को साबित किया। संवाद