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Prayagraj News: नए कानून पर बोले वकील...मॉब लिंचिंग करने वालों पर कसेगा शिकंजा

Thu, 01 Aug 2024 06:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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अमर उजाला की ओर से बुधवार को कार्यालय में नए आपराधिक कानून पर आयोजित कार्यशाला में इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्थायी अधिवक्ता पीयूष शुक्ला और अधिवक्ता राय साहब यादव ने बारीकियां बताईं। कहा कि नए आपराधिक कानून में जोड़ी गईं दस नई धाराओं में मॉब लिंचिंग, शादी का झांसा देकर संबंध बनाने, स्नैचिंग, आतंकवाद और संगठित अपराधों को नए सिरे से परिभाषित किया गया है।
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स्थायी अधिवक्ता पीयूष शुक्ला ने कहा कि बीएनएस की धारा 103(2) में मॉब लिंचिंग को विशिष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। पहले आसानी से बरी होने वाले आरोपियों के बचने की गुंजाइश बहुत कम होगी। अब मॉब लिंचिंग करने वालों पर शिकंजा कस दिया गया है।
इसके पहले मॉब लिंचिंग के मामलों में बलवा की धारा के साथ हत्या या हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ी जाती थीं। आरोपी संदेह का लाभ पा कर बच जाते थे, लेकिन अब अपराध विशिष्ट रूप से परिभाषित है। मॉब लिंचिंग में हिस्सा लेने वाला हर व्यक्ति समान रूप से धारा 103 (2) के तहत दण्ड का भागी होगा।
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इसी तरह अधिवक्ता राय साहब यादव ने बताया कि संगठित अपराध के रूप में बीएनएस की धारा 111 और 112 जोड़ी गई हैं। धारा 111 के तहत धरना, प्रदर्शन और आंदोलनों में हिस्सा लेने वाले लोग अगर सरकारी संपत्ति को नष्ट करते हैं या फिर किसी तरह की हिंसा करते हैं तो उन्हें आजीवन कारावास और बिना इजाजत धरना देते हैं, रैली निकलते हैं तो उन्हें धारा 112 के तहत दस साल की सजा होगी। जेल भरो आंदोलन और किसान मजदूर आंदोलन करने वाले भी संगठित अपराध की श्रेणी में आ जाएंगे।
इसी तरह नई धाराओं के तहत भारत में अपराधों के दुष्प्रेरण की धारा 48, शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने की धारा 69, राज्य के विरुद्ध अपराधों की धारा 152 के साथ धारा 95, 226, 304 की बारीकियों पर भी चर्चा की गई।
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