करछना पावर प्लांट के लिए अधिग्रहीत भगेसर देहली गांव की जमीन पर बनाए गए लोहिया आवास को लेकर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। डीएम संजय कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को तहसील के अधिकारियों को तलब कर जांच के आदेश दे दिए। एडीएम नजूल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। सरकारी दस्तावेजों को निकालकर उसमें इधर-उधर कर गलती को सही ठहराने की कोशिश की जा रही है।
करछना पावर प्लांट के लिए 2007 में आठ गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, उनमें भगेसर देहली गांव की जमीन पर इंदिरा आवास और लोहिया आवास बना दिए गए। अमर उजाला ने इस खबर को शुक्रवार के अपने अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इसको लेकर लोगों में चर्चा है ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच बैठा दी है। एडीएम नजूल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा उन्होंने शुक्रवार को तहसील के सभी अधिकारियों को तलब कर उनसे पूछताछ की है। इसके अलावा सभी सरकारी दस्तावेज भी निकाल लिए गए हैं। सरकारी दस्तावेजों में इस बात को देखा जा रहा है कि कैसे गड़बड़ी को सही किया जाए, जिससे कि उंगली न उठ सके। जांच के आदेश के बाद तहसील के अधिकारियों में खलबली है। डीएम संजय कुमार ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।