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Jyoti Maurya Case : SDM ज्योति मौर्या के पति आलोक ने वापस ली शिकायत, लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप

Mon, 28 Aug 2023 11:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Jyoti Maurya News : प्रतापगढ़ में सफाई कर्मी के पद पर तैनात आलोक मौर्य ने अपनी एसडीएम पत्नी ज्योति मौर्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। उसने उस कथित डायरी के पन्नों के फोटोग्राफ भी शिकायत के समर्थन में पेश किया था जिसमें लाखों रुपये के लेनदेन का लेखाजोखा था।
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आलोक मौर्य और ज्योति मौर्य एसडीएम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य के खिलाफ की गई भ्रष्टाचार की शिकायत को उनके पति आलोक मौर्य ने वापस ले लिया है। सोमवार को कमिश्नर और जांच अधिकारी को पत्र देकर उन्होंने अपनी शिकायत वापस लेने का प्रार्थना पत्र दिया है।

 

प्रतापगढ़ में सफाई कर्मी के पद पर तैनात आलोक मौर्य ने अपनी एसडीएम पत्नी ज्योति मौर्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। उसने उस कथित डायरी के पन्नों के फोटोग्राफ भी शिकायत के समर्थन में पेश किया था जिसमें लाखों रुपये के लेनदेन का लेखाजोखा था। जांच अधिकारी ने सोमवार को आरोप के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया था। 

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सोमवार को जांच अधिकारी के समक्ष पहुंचे आलोक मौर्य ने कहा कि भ्रष्टाचार का आरोप उसने ही अपनी पत्नी पर लगाया था और इसकी जांच की मांग की थी, लेकिन अब वह अपनी शिकायत को वापस ले रहा है। इसके लिए उसने प्रार्थना पत्र भी दिया है। बता दें कि आलोक मौर्य की शिकायत पर कमिश्नर विजय विश्वास पंत की देखरेख में तीन सदस्यीय कमेटी जांच कर रही थी। 

न्यायालय में लंबित है तलाक का मुकदमा

आलोक मौर्य और ज्योति मौर्य की शादी 2010 में हुई थी। 2009 में आलोक का चयन पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हुआ था। इसके बाद उन्होंने ज्योति की पढ़ाई करवाई। साल 2015 में ज्योति का चयन एसडीएम पद पर हो गया। लोक सेवा आयोग से महिलाओं में ज्योति की तीसरी रैंक और ऑल ओवर 16वीं रैंक थी। सभी बहुत खुश थे। 2015 में जुड़वां बच्चियां हुईं। 
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आलोक ने हर माह लाखों रुपये वसूली का लगाया था आरोप

पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य के पति आलोक ने शासन को शिकायती पत्र भेजकर ज्योति पर हर माह पांच से छह लाख रुपये वसूली का आरोप लगाया था। आलोक ने अपनी शिकायत के समर्थन में डायरी के पन्नों की छाया प्रति भी लगाई थी, जिसमें लेन-देन का पूरा हिसाब लिखा जाता था। शिकायत मिलने के बाद शासन ने कमिश्रर विजय विश्वास पंत को जांच सौंपी थी। कमिश्नर ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है जिसमें अपर आयुक्त प्रशासन अमृतलाल और दो अन्य सदस्य शामिल हैं।
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