एक्साइज ड्यूटी के विरोध में दो फरवरी से चल रही सराफा कारोबारियों की हड़ताल में करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। काम ठप होने से इस पेशे से जुड़े कारीगरों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सोने-चांदी के जेवर बनाने वाले कारीगर रोज होने वाली आय परिवार का खर्च चलाते हैं, लेकिन हड़ताल के कारण पिछले छह दिनों से वह भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। हड़ताल लंबी खिंची तो उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो जाएगी। उधर, प्रयाग सराफा मंडल के तत्वावधान में बंदी जारी है। बुधवार को व्यापारियों ने चौक में जुलूस निकाला और महापौर को ज्ञापन सौंपा।
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में ठीक सहालग के दौरान हड़ताल से अब तक अकेले इलाहाबाद में सराफा कारोबारियों की तकरीबन 160 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इसका सबसे ज्यादा असर परंपरागत सोनारों और कारीगरों पर पड़ रहा है। यह ऐसे लोग हैं जो या तो सोना-चांदी लाकर ज्वैलरी तैयार करते हैं या फिर बड़े कारोबारी उनसे ज्वैलरी तैयार कराते हैं। इलाहाबाद में ऐसे परंपरागत सोनार और कारीगरों की संख्या तकरीबन 20 हजार है। इनमें से सबसे ज्यादा संख्या मीरगंज स्थित सराफा मंडी में है। इसके अलावा लोकनाथ, बहादुरगंज, कोठापार्चा, जानसेनगंज, कटरा, अल्लापुर आदि में भी काफी संख्या में ऐसे सोनार और कारीगर हैं। काम न होने के कारण उनके सामने परिवार का खर्च पूरा करने की समस्या खड़ी हो गई है।
उधर, बुधवार को प्रयाग सराफा मंडल के तत्वावधान में व्यापारियों ने चौक , सिविल लाइंस समेत अन्य क्षेत्रों में जुलूस निकाला। इसमें महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी भी शामिल हुईं। इसके बाद अध्यक्ष कुलदीप सोनी के नेतृत्व में व्यापारियों ने महापौर को ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री से एक्साइज ड्यूटी खत्म कराने की मांग की। इसमें संजय वर्मा, राहुल महेंद्रा, राजनाथ वर्मा, अनूप वर्मा, सतीश वर्मा, सोनू चड्ढा, विष्णु अग्रवाल, राजू अग्रवाल, प्रशांत अग्रवाल, विनय सोनी, विशाल वर्मा आदि शामिल थे।