एसआरएन अस्पताल में तीसरे दिन फिर तीमारदारों को पीटने का मामला सामने आया है। मुट्ठीगंज के गऊघाट निवासी बॉबी यादव ने बताया कि मंगलवार देर रात कीडगंज निवासी उनके ससुर हीरामन वर्मा सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वह अपने साले संग घायल ससुर को एसआरएन के ट्रामा सेंटर में लेकर पहुंचे।
आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टराें को इलाज के लिए कहा तो उन्होंने इन्कार कर दिया। इस बात का विरोध किया तो कई जूनियर डॉक्टर मिलकर उन्हें पीटना शुरू कर दिया। उनके साले ने बीचबचाव किया तो वह लोग उसे भी पीटे। उसके बाद उन लोगों की मार से वह बेहोश हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बीचबचाव कर जूनियर डॉक्टरों की चंगुल से बचाया।
आरोप यह भी है कि जूनियर डॉक्टरों ने उसका मोबाइल, चेन और पर्स भी छीन लिए। बाॅबी ने बताया कि मामले में हमलावरों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। वहीं, इंस्पेक्टर रोहित कुमार तिवारी ने बताया कि मामले की सूचना मिली थी, लेकिन कोई तहरीर नहीं मिली है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज की प्राधानाचार्य डॉ.वत्सला मिश्रा ने बताया कि तीमारदार ट्रामा सेंटर में पहुंचकर डॉक्टरों से बदतमीजी कर रहे थे।