इलाहाबाद हाईकोर्ट में रामपुर नगर पालिका की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई पूरी हो गई है। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समित गोपाल की अदालत कर रही थी।
मामला रामपुर कोतवाली में वर्ष 2019 में दर्ज हुआ था। आरोप लगा कि आजम खां ने नगर विकास मंत्री रहते हुए नगर पालिका रामपुर की खरीदी सफाई मशीन को जौहर विश्वविद्यालय भेज दिया था। आजम के बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के करीबी सलीम और अनवर हुसैन की निशानदेही पर रामपुर पुलिस ने 19 सितंबर 2022 को जौहर विश्वविद्यालय से नगर पालिका की वह मशीन और उसके कटे पार्ट्स बरामद किए थे। मशीन विश्वविद्यालय परिसर में दबाई गई थी।
सामाजिक कार्यकर्ता वाकर अली खान की तहरीर पर आजम, उनके बेटे अब्दुल्ला, अनवर और सलीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में नामजद आरोपी अनवर और सलीम को जमानत मिल चुकी है। जबकि, आजम और अब्दुल्ला अभी भी जमानत का इंतजार कर रहे हैं। सोमवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है।