पुरानी झूंसी को नई झूंसी से जोड़ने वाले दो प्रमुख रास्ते अगले छह माह के लिए बंद होने जा रहे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन द्वारा झूंसी स्थित रेल अंडरपास का चौड़ीकरण और झूंसी स्टेशन के निकट रेल फाटक के स्थान पर वहां एक नया अंडरपास बनाने की तैयारी की गई है।
यह कार्य छह माह में पूरा होगा। इस कार्य के दौरान रेल अंडरपास और रेल फाटक छह माह के लिए 20 सितंबर से बंद कर दिया जाएगा। दो प्रमुख रास्ते बंद होने की वजह से पुरानी झूंसी में रहने वाले लोगों का परेशान होना तय है, क्योंकि उन्हें अब लंबा चक्कर काटना पड़ेगा।
दरअसल, प्रयागराज में वर्ष 2025 में महाकुंभ मेले का आयोजन होना है। इस वजह से रेलवे द्वारा कई रेल ओवरब्रिज, रेल अंडरपास आदि का निर्माण किया जा रहा है। इसी क्रम में झूंसी-दारागंज रेलमार्ग स्थित रेल अंडरपास का चौड़ीकरण और झूंसी-रामनाथपुर रेलवे स्टेशन के मध्य स्थित फाटक संख्या-66 सी (कनिहार रोड) पर नए रेल अंडरपास का निर्माण होना है। इन दोनों कार्य के लिए रेलवे द्वारा वहां रोड ट्रैफिक छह माह के लिए रोका जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार का कहना है कि इस अवधि में रेल अंडरपास संख्या-110 जो पुरानी जीटी रोड को नई जीटी रोड से जोड़ता है, उसके बंद होने के बाद रेलवे लाइन के उत्तरी छोर पर निवास करने वाले लोग केवटाना क्रॉसिंग, शंकराचार्य मार्ग से गंगा बैकरोड से टीकरमाफी और ओल्ड जीटी रोड से कटका तिराहा मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।
इसी तरह रेलवे समपार संख्या-66 सी (कनिहार रोड) बंद होने के बाद गायत्री नगर साइड के लोग दिलदार नगर तिराहे से सरायइनायत, लीलापुर रोड, छतनाग रोड का प्रयोग कर आवागमन कर सकते हैं। पीआरओ ने बताया कि पुराना रेल अंडरपास जो अभी एक लेन का है, उसे टू लेन किया जाएगा।