फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट : कार्यकाल समाप्त होने के बाद पद से हटाने की कार्यवाही करना गलत, यूपी सरकार के आदेश को किया रद्द

Sat, 08 Apr 2023 09:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर पालिका परिषद हाथरस के अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उसे हटाने के लिए कार्यवाही करने के आदेश को गलत माना है। कोर्ट ने कहा कि जब कार्यकाल समाप्त हो गया तो हटाने की कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर पालिका परिषद हाथरस के अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उसे हटाने के लिए कार्यवाही करने के आदेश को गलत माना है। कोर्ट ने कहा कि जब कार्यकाल समाप्त हो गया तो हटाने की कार्रवाई नहीं की जा सकती है। कार्यवाही के लिए पदाधिकारी का अस्तित्व में होना आवश्यक है, जो कि यहां ऐसा नहीं है। कोर्ट ने यूपी सरकार की ओर से नगर पालिका अधिनियम की धारा 48 के तहत अध्यक्ष पद से हटाने संबंधी बीती सात फरवरी के आदेश को रद्द कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने यूपी सरकार को कानून के अनुसार याची के खिलाफ कार्रवाई करने की छूट दी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की खंडपीठ ने आशीष शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची ने नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद से हटाने की यूपी सरकार की कार्यवाही को चुनौती दी थी। याची का तर्क था कि हाथरस नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल छह जनवरी 2023 को ही समाप्त हो चुका है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद यूपी सरकार उसे अध्यक्ष पद से हटाने की कार्यवाही कर रही है, जोकि गलत है।

सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने भी माना कि अध्यक्ष का कार्यकाल छह जनवरी 2023 को समाप्त हो चुका है। इस वजह से यथोचित धाराओं के तहत ही याची के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ऐसी शक्ति का प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें