जिले के नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में खाता खोलकर लेनदेन करने वाले खाताधारकों की मुसीबत बढ़ गई है। आरबीआई के नए प्रतिबंध के मुताबिक अब 10 हजार रुपये से अधिक की निकासी नहीं कर सकेंगे। बैंक ने 25.12 करोड़ रुपये लोन बांट दिए, मगर वसूली नहीं होने से आरबीआई ने लोन देने और निवेश करने पर रोक लगा दी है।
जिले के कुंडा, पट्टी, चिलबिला और सदर में नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की शाखाएं हैं। इसमें वर्तमान में लगभग 15,124 खाताधारक हैं। बैंक की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने नए ग्राहकों को लोन देने और निवेश करने पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही ग्राहकों को 10 हजार रुपये से अधिक की नकदी निकालने पर रोक लगा दिया है। बैंक ने ग्राहकों को 25.12 करोड़ कर्ज बांटे हैं। नोटिस जारी करने के बाद भी कर्ज लेने वाले जमा करने को तैयार नहीं हैं। कर्ज लेने वालों में अधिकांश लोग ऐसे हैं, जो व्यवसाय चलाने के लिए कर्ज लिया था। मगर व्यवसाय नहीं चलने के कारण कर्ज अदा करने से हाथ खड़ा कर दिए हैं। बैंक के महाप्रबंधक विकास त्रिपाठी ने बताया कि बैंक की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कर्ज लेने वाले बकायेदारों की संपतियों की नीलामी की जाएगी। उन्होंने बताया कि बैंक ने पहले ही अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित करवाया था।