आईईआरटी निदेशक पर कर्मचारियों ने लगाया मनमानी का आरोप
प्रयागराज। कर्मचारी एसोसिएशन आईईआरटी ने संस्थान के निदेशक पर 24 से 38 वर्ष से अधिक समय से नियमित काम कर रहे कर्मचारियों के बारे में कोर्ट में गलत बयानी का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का आरोप है कि निदेशक ने में दिए गए हलफनामे में कहा है कि इंजीनियरिंग डिग्री डिवीजन के विस्तार के अनुमोदन के लिए एआईसीटीई को हलफनामा देते हुए कहा है कि कर्मचारियों को छठें वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है। जबकि वास्तविकता यह है कि उन्हें पांचवे वेतनमान का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि पांचवे वेतनमान की जो सुविधा उन्हें मिल रही थी, वह भी 2013 में स्थगित कर दिया गया। निदेशक कर्मचारियों को निकालने की धमकी देने के साथ केस वापस लेने पर संस्थान में रखने का लालच दे रहे हैं। संस्थान में प्रोजेक्ट के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ संस्थान लगातार काम कर रहा है। कर्मचारी एसोसिएशन का आरोप है कि संस्थान के निदेशक आउटसोर्सिंग के जरिए 40 कर्मचारियों एवं लगभग 84 अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति कर चुके है, इन कर्मचारियों को बी ग्रुप के कर्मचारियों से दोगुना एवं चार गुना वेतन का भुगतान कर रहे हैं।