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छुट्टी के दौरान दुर्घटना में अशक्त कर्मचारी अशक्तता पेंशन पाने का हकदार नहीं

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\nप्रयागराज \nइलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि केंद्रीय सिविल सेवा नियमावली के अंतर्गत नौकरी के दौरान या नौकरी के लिए आते- जाते समय यदि कर्मचारी की दुर्घटना में अक्षमता आती है तो ही वह अशक्तता पेंशन पाने का हकदार है। \n यदि कर्मचारी अवकाश पर है, सेवा पर नहीं है ,और इस दौरान दुर्घटना में अक्षमता आती है ,तो उसे नियमावली के अंतर्गत अशक्तता पेंशन पाने का हक नहीं है।\n यह आदेश न्यायमूर्ति विश्वनाथ सोमद्दर तथा न्यायमूर्ति डॉ वाई के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने भारत संघ की तरफ से दाखिल विशेष अपील को स्वीकार करते हुए दिया है।अपील कर अधिवक्ता अशोक सिंह ने बहस की।\nसीआरपीएफ रामपुर में तैनात सिपाही राजबहादुर सिंह कुछ दिनों के अवकाश पर अपने घर आया था। जहां दुर्घटना में अक्षमता हो गई। जिस पर उन्होंने अशक्तता पेंशन की मांग की। विभाग ने यह कहते हुए पेंशन देने से इनकार कर दिया कि उनकी यह अशक्तता सेवा के दौरान ड्यूटी पर रहते हुए नहीं हुई है। इसलिए वहअशक्तता पेंशन पाने के हकदार नहीं है। विभागीय अपीलों में भी राहत नहीं मिली। जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याची कर्मी का कहना था कि अवकाश पर आया कर्मचारी सेवा में माना जाएगा ।इस दौरान कोई दुर्घटना होती है और उसकी वजह से अशक्तता आती है, तो उसे अशक्तता पेंशन मिलना चाहिए। एकल पीठ ने विभाग को नियमावली के अंतर्गत पेंशन आदि का भुगतान करने का निर्देश दिया था। जिसे केंद्र सरकार द्वारा विशेष अपील में चुनौती दी गई थी।\n कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश को विधि सम्मत न मानते हुए रद्द कर दिया और याचिका भी खारिज कर दी है।और कहा है कि याची दुर्घटना के समय ड्यूटी पर नही था।व्यक्तिगत कार्य में था।इसलिए उसे सी सी एस रूल्स के तहत अशक्तता पेंशन पाने का हक नही है।
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