प्रयागराज । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीट परीक्षा 2020 में सफल अभ्यर्थी को राहत दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि एम डी एस कोर्स (मास्टर आफ डेन्टल सर्जरी) में प्रवेश की पहली काउन्सिलिंग में शामिल कर फार्म भरने का विकल्प चुनने की अनुमति दी जाय। याची को 24घंटे में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में सिक्योरिटी राशि जमा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका पर जवाब भी मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति भारती सप्रू तथा न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ ने जौनपुर निवासी डा संदीप कुमार की,याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता कुणाल रवि सिंह व राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता निमाई दास व स्थायी अधिवक्ता बी पी सिंह कछवाह ने वीडियो कान्फ्रेन्सिंग से पक्ष रखा।
नीट परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद सरकार ने 17 से 23 अप्रैल तक आन लाइन फार्म एवं सिक्योरिटी राशि जमा करने का समय दिया। यह अवधि एक दिन के लिए 24 अप्रैल तक बढ़ा दी गयी। राजकीय कालेजों में प्रवेश काउन्सिलिंग के लिए 48 आवेदन जमा हुए। याची ने फार्म व सिक्योरिटी राशि जमा नही की। काउन्सिलिंग का पहला चक्र समाप्त होने के बाद एक मई को सूची घोषित की जानी है। चयनित अभ्यर्थियों को 4 से 9मई तक प्रवेश दिया जायेगा। इसके बाद खाली सीटो पर काउन्सिलिंग का दूसरा चक्र शुरू होगा।याची का कहना है कि लाक डाउन के कारण वह समय से सिक्योरिटी राशि जमा नहीं कर सका।और उसे राशि जमा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उसने कोर्ट की शरण ली।
कोर्ट ने याची को काउन्सिलिंग के पहले चक्र में फार्म व सिक्योरिटी राशि जमा करने एवं सीट विकल्प चुनने का अवसर देने का निर्देश दिया है।