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Prayagraj : गोरखपुर के संप्रेक्षण गृह की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त, लिया स्वतः संज्ञान

Fri, 23 May 2025 11:16 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर के राजकीय संप्रेक्षण गृह की बदहाली का स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने एक समाचार पत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के दौरे में सामने आई बदहाली पर चिंता जताते हुए मामले को जनहित याचिकाओं याचिका के रूप में सुनवाई के लिए शुक्रवार को संबंधित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
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हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर के राजकीय संप्रेक्षण गृह की बदहाली का स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने एक समाचार पत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के दौरे में सामने आई बदहाली पर चिंता जताते हुए मामले को जनहित याचिकाओं याचिका के रूप में सुनवाई के लिए शुक्रवार को संबंधित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित बदहाली की खबर का संज्ञान लेते हुए दिया है। गौरतलब है कि देवरिया के विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने 17 मई को इस बालगृह का निरीक्षण किया और उसकी रिपोर्ट एक अखबार में प्रकाशित हुई। निरीक्षण में पाया गया कि राजकीय संप्रेक्षण गृह की क्षमता सिर्फ 100 बच्चों की है, लेकिन वहां 257 बच्चे रखे गए हैं। एक कमरे में 30-30 बच्चे ठूंसे गए हैं। सफाई की हालत इतनी खराब है कि बाथरूम और डस्टबिन से लगातार बदबू आ रही थी। कई बच्चों को चर्म रोग और टीबी है, लेकिन इलाज की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है।

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