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Prayagraj : एसआरएन अस्पताल में चूहे पी रहे ग्लूकोज'''' खबर का हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

Thu, 18 Jan 2024 12:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

स्वरूपरानी नेहरू हास्पीटल (एसआरएन) में चूहों ने ग्लूकोज ही चट कर गए। इस अजीबोगरीब कारनामें का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है और मामले में जवाब तलब किया है। 
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अदालत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में चूहों के आतंक पर अमर उजाला में छपी खबर का स्वत: संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने इसे जनहित याचिका के तौर पर दर्ज करने का आदेश देते हुए अस्पताल प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया है।

कोर्ट ने एसआरएन अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक को निर्देश दिया है कि अस्पताल और इस संबंध में काम करने वाली एजेंसी के साथ की गई संविदा से संबंधित दस्तावेज कोर्ट में पेश करें। साथ कार्यदाई संस्था को किए गए भुगतान राशि का विवरण प्रस्तुत किया जाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तिथि तय की है।

अमर उजाला में " एसआरएन अस्पताल में चूहे पी रहे ग्लूकोज, खा रहे है मल्टी विटामिन " शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई है। इसे लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। खबर में एसआरएन अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजय सक्सेना का बयान भी छपा है जिसमें यह स्वीकार किया है कि सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद भी खतरा बना हुआ है। कोर्ट ने कहा है कि यह अस्पताल आने वाले मरीजों और उन लोगों के लिए एक संभावित खतरा है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल कहा कि साफ-सफाई और चूहों से बचाव के लिए अस्पताल ने एक हाउसकीपिंग एजेंसी को आउटसोर्स किया गया है।

साथ ही बताया कि दवाओं का भंडारण ठीक से होता है और मरीजों के तीमारदारों द्वारा परिसर के अंदर खाने का सामान लाते है उससे चूहे आते हैं। हालांकि कोर्ट इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखी। कोर्ट ने कहा है कि क्योंकि मामला सार्वजनिक महत्व का है। वहां लोग इलाज कराने के लिए आते हैं। इसका लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। कोर्ट ने ऐसे खतरे को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे उपायों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

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