इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेटी की हत्या के आरोपी पिता को जमानत देने से इन्कार कर दिया है। कहा कि ऑनर किलिंग समाज पर कलंक है। संविधान जीवन का अधिकार देता है। किसी को भी जीवन छीनने का अधिकार नहीं है।
कोर्ट ने कहा झूठी शान के लिए कत्ल बर्बर एवं असभ्य कृत्य है। अपनी इच्छा के विरुद्ध कार्य को बर्दाश्त न कर हत्या करना कायरता है। कोर्ट ने कहा, याची की बेटी ने अपनी मर्जी से शादी की थी। उसने घूंघट उठा कर पहचान की और उसके बेटे ने ताबड़तोड़ चाकू से प्रहार कर हत्या कर दी।
हत्या में शामिल चार आरोपियों को तीन चश्मदीद गवाहों ने देखा है। बर्बर हत्या एक संगीन अपराध है। ऐसे आरोपी को राहत पाने का हक नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने बरहज, बदायूं के सत्यनारायण उर्फ सत्तन की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है।