इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अंतरिम आदेश के खिलाफ स्पेशल अपील पोषणीय नहीं है। एकल पीठ की ओर से किसी विवाद से संबंधित रिपोर्ट तलब करने से किसी पक्षकार के खिलाफ तत्काल कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति शेखर बी.सराफ व न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि की खंडपीठ ने फतेहपुर निवासी केसर सिंह की ओर से एकल पीठ को चुनौती देने वाली स्पेशल अपील को खारिज करते हुए की।
मामला फतेहपुर का है। छेदीलाल ने जनहित याचिका याचिका दाखिल कर केसर सिंह पर ग्राम की जमीन पर अवैध अतिक्रमण करने का आरोप लगाया था। इस पर एकल पीठ ने 26 मई 2025 को गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक एवं स्थानीय राजस्व अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। इस अंतरिम आदेश के खिलाफ केसर सिंह ने स्पेशल अपील दाखिल की।
दलील दी कि छेदीलाल ने खुद याचिका वापस लेने की मंशा जताई थी। एकल पीठ ने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण कर जांच का आदेश दिया है। इससे अपीलार्थी के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। खंडपीठ ने दलील मानने से इन्कार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने अपीलार्थी को जनहित याचिका में जवाब दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते की मोहलत दी है।