इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कला संकाय के नृत्य विभाग में डॉ. विधि नागर का प्रोफेसर के पद पर हुए चयन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कुलपति को दो माह में नई चयन समिति गठित कर नई भर्ती करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि समिति में कथक विशेषज्ञ को शामिल किए जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने डॉ. दीपांविता सिंह राय की विशेष अपील पर दिया है।
याची बीएचयू के नृत्य विभाग में कथक की एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उन्होंने याचिका दायर कर प्रोफेसर पद के चयन के लिए गठित चयन समिति की वैधता को चुनौती दी। उनका आरोप था कि बीएचयू में कार्यकारी परिषद के अभाव में कुलपति ने आपातकालीन शक्तियों का प्रयोग कर चयन समिति बनाई, जबकि मामला नियमित प्रमोशन से जुड़ा था।
ऐसे मामले को आपातस्थिति नहीं कहा जा सकता। समिति में दो विशेषज्ञ भरतनाट्यम से संबंधित थीं, जबकि पद कथक विशेषज्ञ के लिए था। वहीं, विवि की ओर कहा गया कि कुलपति ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर आपातकालीन शक्तियों का प्रयोग किया था। नियुक्ति नृत्य विभाग के लिए थी, किसी एक विधा के लिए नहीं। ऐसे में भरतनाट्यम विशेषज्ञ को शामिल करना गलत नहीं है।
कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद डॉ. विधि नागर का चयन और उससे संबंधित कार्यकारी परिषद के नौ अक्तूबर 2025 के प्रस्ताव को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रमोशन कोई आपातकालीन मामला नहीं है। कोर्ट ने नई चयन समिति बनाने और उसमें कथक विशेषज्ञ रखने का निर्देश दिया है। यह भी कहा कि इस बार विशेषज्ञों के पैनल की तैयारी में उम्मीदवारों को पूरी तरह से बाहर रखा जाए।