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हाईकोर्ट ने कहा : बिना अपील गुंडा एक्ट के नोटिस के खिलाफ याचिका पोषणीय नहीं

Sun, 23 Jun 2024 12:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने याची विकास यादव उर्फ सचिन की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। अपर जिलाधिकारी वाराणसी ने गुंडा एक्ट के तहत याची के खिलाफ छह मई को नोटिस जारी किया था।
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अदालत का आदेश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुंडा एक्ट के तहत जारी नोटिस की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया। कहा कि बिना अपील किए गुंडा एक्ट के नोटिस की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने वाराणसी के मंडलायुक्त को याची की ओर से दाखिल होने वाली अपील के शीघ्र निस्तारण और स्थगन प्रार्थना पत्र को तीन हफ्ते में निस्तारित करने का आदेश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने याची विकास यादव उर्फ सचिन की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। अपर जिलाधिकारी वाराणसी ने गुंडा एक्ट के तहत याची के खिलाफ छह मई को नोटिस जारी किया था। याची ने नोटिस की वैधता को चुनौती दी थी। अपर शासकीय अधिवक्ता ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि नोटिस के विरुद्ध अपील दाखिल किए बिना याचिका पोषणीय नहीं है।

कोर्ट ने याचिका पर हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए याची को अपील दाखिल करने की छूट दी है। साथ ही अपीलीय प्राधिकारी मंडलायुक्त को याची की ओर से दाखिल होने वाली अपील के शीघ्र निस्तारण और स्थगन प्रार्थना पत्र को तीन हफ्ते में निस्तारित करने का आदेश दिया है।

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