फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court : उज्बेकिस्तान में दवा पहुंचाने वाली शिपिंग कंपनी के निदेशक को राहत, मुकदमे की कार्यवाही पर रोक

Tue, 10 Mar 2026 05:39 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उज्बेकिस्तान में दवा पहुंचाने वाली शिपिंग कंपनी के निदेशक को राहत दी है। धोखाधड़ी व अमानत में खयानत के आरोप में दर्ज मुकदमे की पूरी कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उज्बेकिस्तान में दवा पहुंचाने वाली शिपिंग कंपनी के निदेशक को राहत दी है। धोखाधड़ी व अमानत में खयानत के आरोप में दर्ज मुकदमे की पूरी कार्यवाही पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी किया है और उन्हें चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला की एकलपीठ ने मुकेश कुमार झा की अर्जी पर दिया है।

याची एक शिपिंग कंपनी के निदेशक हैं। शिकायतकर्ता दवा बनाने वाली कंपनी के कर्मचारी विकास शर्मा ने गौतमबुद्ध नगर के बीटा-2 थाने में याची के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप लगाया है कि याची की कंपनी के साथ दवाइयां उज्बेकिस्तान पहुंचाने के लिए अनुबंध हुआ था। पैसे का भुगतान कर दिया था। इसके बाद भी समय पर दवाइयां नहीं भेजी गईं और दवाइयां खराब हो गईं। ट्रायल कोर्ट ने आरोप पत्र का संज्ञान लेकर समन आदेश जारी किया है। याची ने समन आदेश सहित मुकदमे की पूरी कार्यवाही को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की है।

याची अधिवक्ता शिवांग ने दलील दी कि याची पर एक ही घटना के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 406 (नए कानून बीएनएस के तहत धारा 318(4) और 316(2)) के तहत आरोप लगाए गए हैं। कानून के स्थापित सिद्धांतों और सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों ''दिल्ली रेस क्लब बनाम उत्तर प्रदेश राज्य'' के अनुसार धोखाधड़ी (धारा 420) और अमानत में खयानत (धारा 406) के आरोप एक ही तथ्यों के आधार पर एक साथ नहीं लगाए जा सकते।

कोर्ट ने पक्षों को सुनने बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही ट्रायल कोर्ट में लंबित मुकदमे की पूरी कार्यवाही पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 17 अप्रैल 2026 को तय की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें