इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन मामले में दर्ज प्राथमिकी में जारी समन आदेश को रद्द कर दिया है। जस्टिस दिनेश कुमार सिंह ने इमरान प्रतापगढ़ी व अन्य के खिलाफ मामले की पूरी कार्यवाही दो जुलाई 2022 के संज्ञान आदेश के साथ-साथ एसीजेएम जिला मुरादाबाद के न्यायालय द्वारा 10 अक्तूबर 2022 को पारित समन आदेश को निरस्त कर दिया।
लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान पुलिस के काम में बाधा डालने, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में प्रतापगढ़ी के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 353, 188, 171 एच, 143 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम- 1950 की धारा 127 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप यह भी लगा कि उन्होंने चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद भी जुलूस निकालकर प्रचार किया।
कोर्ट ने हरविंदर सिंह उर्फ रोमी साहनी बनाम यूपी राज्य और अन्य और बृज भूषण शरण सिंह बनाम यूपी राज्य और अन्य के तहत आवेदन के मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया फैसलों पर भरोसा किया।
कहा गया था कि आईपीसी की धारा 188 के उल्लंघन के लिए केवल 190 सीआरपीसी के तहत शिकायत दर्ज की जा सकती है। जैसा कि सीआरपीसी की धारा 195 के तहत प्रावधान किया गया है। चूंकि, मौजूदा मामले में उक्त अपराध के लिए पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा एक एफआईआर दर्ज की गई। इस कारण अदालत लोक सेवक की शिकायत के अलावा सीआरपीसी की धारा 195 के तहत संज्ञान नहीं ले सकती।