इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर निदेशक कृषि प्रशासन उप्र.लखनऊ को कोर्ट के पूर्व में पारित आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि यदि पालन नहीं किया तो 30 अगस्त को कोर्ट में हाजिर हों। कोर्ट ने अपर निदेशक से सफाई मांगी थी कि कोर्ट आदेश के विपरीत पारित उनका 29 नवंबर 23 का आदेश क्यों न रद्द कर दिया जाए।
न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सिंचाई विभाग जालौन में तकनीकी सहायक वरुण जैन की याचिका पर यह आदेश दिया। याची अधिवक्ता एमए सिद्दीकी ने दलील दी कि ललितपुर निवासी याची का 30 जून 2023 को जालौन से सिद्धार्थनगर तबादला कर दिया गया। उसने 20 अगस्त 2023 को ज्वाइन कर लिया। इसके बाद याची ने मां की बीमारी व पारिवारिक समस्या को लेकर अपर निदेशक को प्रत्यावेदन दिया। वहीं, हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रत्यावेदन पर तीन हफ्ते में विचार कर आदेश पारित करने का निर्देश दिया था। अपर निदेशक ने 29 नवंबर 23 को याची के प्रत्यावेदन को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने सात अगस्त 24 के आदेश से अपर निदेशक को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर जवाबा मांगा था। कहा था कि 29 नवंबर 23 का आदेश क्यों न रद्द किया जाए। साथ ही कोर्ट ने अपर निदेशक के 29 नवंबर के आदेश पर रोक लगाते हुए याची को काम करने व नियमित वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया है। सरकारी वकील ने जवाब के लिए समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सुनवाई के लिए 30 अगस्त तिथि नियत की गई है।