इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुशीनगर के 18 मदरसों की वैधता और संचालन की समिति गठित कर जांच के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई सात जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने कमेटी ऑफ मैनेजमेंट और 17 अन्य की ओर से दायर याचिका पर दिया है।
याची के अधिवक्ता ने न्यायालय में दलील दी कि इन मदरसों के संबंध में पहले भी तीन जांच की जा चुकी हैं, जिनकी रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं के पक्ष में रही थी। पूर्व की जांच में इन मदरसों का संचालन यूपी गैर-सरकारी अरबी और फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन और सेवा नियमावली, 2016 के अनुरूप पाया गया था। ऐसे में बार-बार मदरसों की जांच के आदेश देना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग और उत्पीड़न है।