इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस भर्ती-2015 बैच के 172 सिपाहियों के वरिष्ठता विवाद पर अपर पुलिस महानिदेशक कार्मिक लखनऊ को दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने विवेक कुमार त्रिपाठी और 71 अन्य की याचिका पर दिया है। गोरखपुर निवासी याची सिपाहियों का कहना है कि उन्होंने दो दिसंबर 2015 को पुलिस लाइन में नियुक्ति प्रशिक्षण कोर्स के लिए रिपोर्ट किया था। हालांकि, विभाग के रिकॉर्ड में उनकी नियुक्ति तिथि 28 दिसंबर 2015 दर्ज कर दी गई। इससे वे अपने बैच के अन्य कर्मियों से जूनियर हो गए और प्रमोशन पर संकट खड़ा हो गया था। याची अधिवक्ता ने दलील दी कि गोरखपुर के एसपी (साउथ) ने अप्रैल 2023 में ही जांच रिपोर्ट में विभाग की गलती स्वीकारी थी। इसके बावजूद अब तक रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया।