इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एडीजी, आईजी को अवैध हिरासत में लिए गए बरेली निवासी 65 वर्षीय महमूद बेग को अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। साथ ही एसएसपी को भी स्पष्टीकरण संग तलब किया है। पूछा है कि बिना एफआईआर व गिरफ्तारी मेमो के महमूद को हिरासत में कैसे लिया।
यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने बुजुर्ग की पत्नी परवीन अख्तर की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है। मामला का बरेली है। याची का कहना है कि अवैध धर्मांतरण के आरोप में 20 अगस्त की रात करीब 11 लोग तीन गाड़ियों से आए और खुद को पुलिसकर्मी बताकर बेग को घर से उठा ले गए।
सीसीटीवी फुटेज में भी उनकी गाड़ियां कैद हुईं। बेटे ने जब विरोध किया तो कथित रूप से एसओजी कर्मी ने उस पर तमंचा तानकर धमकाया। इसके बाद आरोप लगाया गया कि बेग को छुड़ाने के लिए एक लाख रुपये की मांग भी की गई है। पुलिस उनके साथ हिरासत में मारपीट कर यातना दे रही है।