इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को ऑनलाइन कोर्स चलाने वाली फर्जी वेबसाइटों को बंद करने का निर्देश दिया, जो बार काउंसिल द्वारा अधिकृत नहीं हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह की खंडपीठ ने श्रेय सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची की ओर से कुछ कोर्सों पर आपत्ति उठाई गई थी। कहा गया था कि वे बार काउंसिल की सहमति के बिना पाठ्यक्रम चला रहे हैं। याचिका में इसका हवाला भी दिया गया था।
हालांकि, कोर्ट ने याचिका को अपरिपक्व बताते हुए कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से कोई प्रारंभिक जांच नहीं की गई है। कोर्ट ने याची को निर्देश दिया कि वह मामले में पक्षकारों के समक्ष शिकायती पत्र देकर फर्जी पाठ्यक्रमों को बंद कराए जाने की मांग करें।
कोर्ट ने यह भी कहा कि शिकायती पत्र में फर्जी पाठ्यक्रमों का हवाला भी होना चाहिए। कोर्ट ने बार काउंसिल को भी निर्देश दिया है कि वह शिकायती पत्र पर जांच कर कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार से सिफारिश करेगी। कोर्ट ने इसके लिए तीन महीने का समय दिया है।