इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2015 में हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए झांसी के याची को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील को भी स्वीकार कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर-23 को होगी।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की पीठ ने नाथूराम कुशवाहा की ओर से दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची की ओर से कहा गया कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है। वह आठ साल से जेल में है। सुप्रीम कोर्ट के दो मामलों में फैसले का हवाला भी दिया। कहा, उसके खिलाफ कोई और आपराधिक मामला नहीं है। उसका आचरण भी बेहतर रहा है। उसे जमानत पर रिहा किया जाए।
कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए याची की जमानत मंजूर कर ली। याची को निचली अदालत ने हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसे चुनौती देते हुए जमानत पर रिहा करने की मांग की गई थी।