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High Court : श्रम न्यायालय का आदेश अवैध करार, मुरादाबाद का मामला, नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश

Fri, 24 Feb 2023 10:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि श्रम न्यायालय (लेबर कोर्ट) को पहले घरेलू जांच की निष्पक्षता को देखना चाहिए। यह वाद का प्रारंभिक बिंदु है। इसे पहले तय किया जाना चाहिए, उसके बाद ही ही आगे की कार्यवाही करनी चाहिए।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि श्रम न्यायालय (लेबर कोर्ट) को पहले घरेलू जांच की निष्पक्षता को देखना चाहिए। यह वाद का प्रारंभिक बिंदु है। इसे पहले तय किया जाना चाहिए, उसके बाद ही ही आगे की कार्यवाही करनी चाहिए। बिना प्रारंभिक बिंदु तय किए वाद बिंदुओं को संयुक्त रूप से तय करना विधि सम्मत नहीं है।

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कोर्ट ने श्रम न्यायालय मुरादाबाद द्वारा श्रमिक की बर्खास्तगी निरस्त करने के फैसले को रद्द कर दिया और नए सिरे से नियमानुसार छह माह में केस तय करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि यदि घरेलू जांच निष्पक्ष हो तो सजा समानुपात के साक्ष्यों की समीक्षा कर जांच की जा सकती है। यदि घरेलू जांच निष्पक्ष नहीं पाई जाती और जांच दूषित हो तो नियोक्ता से साक्ष्य लेकर श्रम न्यायालय को निर्णय करना चाहिए।
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कोर्ट ने प्रारंभिक बिंदु तय न कर अवार्ड पारित करने में वैधानिक त्रुटि माना है। हाईकोर्ट ने यह आदेश मेसर्स द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की तरफ से दाखिल याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।

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कोर्ट में प्रश्न था कि क्या श्रम न्यायालय ने प्रारंभिक बिंदु न तय कर संयुक्त बिंदुओं को तय कर गलती की है। विपक्षी श्रमिक अजेंद्र कुमार पर बिना सूचना दिए बगैर इकाई में धरना प्रदर्शन कर तोड़फोड़ करने का आरोप है। कंपनी 5.45 से 1.30 बजे तक बंद रही। लाखों का नुक़सान करने तथा अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया। घरेलू जांच में साक्ष्य लिए गए। आपत्ति का मौका दिया गया। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि की गई।

श्रमिक से इसका स्पष्टीकरण मांगा गया। सफाई पेश नहीं की तो बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया। जिसे लेबर कोर्ट में चुनौती दी गई। लेबर कोर्ट ने बर्खास्तगी को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया। इसी आदेश को हाईकोर्ट में कंपनी ने चुनौती दी थी। कोर्ट ने लेबर कोर्ट का आदेश रद्द कर प्रारंभिक बिंदु तय कर नए सिरे से कार्यवाही करते हुए निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
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