इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि उपभोक्ता फोरम के निष्पादन आदेश को याचिका के जरिये चुनौती नहीं दी जा सकती। ऐसे आदेश के खिलाफ राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील का विकल्प उपलब्ध है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने भारतीय स्टेट बैंक की याचिका पर दिया। बैंक ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम, प्रयागराज के 12 सितंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी थी। फोरम ने 74,200 रुपये की राशि ब्याज, हर्जाने और लागत समेत वसूलने के लिए वारंट जारी किया था। हाईकोर्ट ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का जिक्र कर कहा की कि जिला फोरम के आदेश के खिलाफ राज्य आयोग में अपील की जा सकती है। वहीं, धारा 17(1)(बी) में पुनरीक्षण का अधिकार केवल उपभोक्ता विवादों तक सीमित है, निष्पादन कार्यवाही तक नहीं।