हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की सभा में मौजूद अधिवक्ता।
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जस्टिस यशवंत वर्मा के प्रयागराज स्थानांतरण के विरोध समेत कई मांगों को लेकर चौथे दिन भी हाईकोर्ट बार एसाेसिएशन की अगुवाई में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। आमसभा में प्रस्ताव पारित कर बार के प्रस्ताव और चेतावनी को न मान न्यायालय में जाकर न्यायिक कार्य करने वाले करीब 40 अधिवक्ताओं की सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी गया है। इस पर दो दिन में जवाब नहीं देने पर उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी।
वकीलों ने भाई-भतीजावाद, लिस्टिंग की बदहाल व्यवस्था व फ्रेश मुकदमों की लंबे समय तक सुनवाई न होने पर चिंता जताई। मांग की कि जस्टिस यशवंत वर्मा के स्थानांतरण व इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत जजों के परिजनों की यहां प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाए। साथ ही पहले दाखिल फ्रेश मुकदमों की सुनवाई पहले हो व लिस्टिंग की नई व्यवस्था में तत्काल परिवर्तन किया जाए। अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश खरे व संचालन सचिव विक्रांत पांडेय ने किया। मंच का संचालन उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र ने किया।
इस दौरान उपाध्यक्ष अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी, अखिलेश कुमार मिश्र, सुभाष चंद्र यादव, नीरज त्रिपाठी, नीलम शुक्ला, संयुक्त सचिव प्रशासन सुमित कुमार श्रीवास्तव, अभिजीत कुमार पांडेय, पुनीत कुमार शुक्ला, आंचल ओझा, रण विजय सिंह, उदिशा त्रिपाठी, कुमारी मनीषा सिंह, किरन सिंह, अभिषेक मिश्र रहे। सभा में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि जब तक समस्या का कोई सकारात्मक हल नहीं निकलेगा, तब तक हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।