इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी और पीड़िता शादी करके सुखी जीवन जी रहे हैं तो मुकदमे को जारी रखना न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग होगी। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने संभल निवासी युवक के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही और चार्जशीट रद्द करने का आदेश दिया है।
याची के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो के आरोप में एफआईआर दर्ज है। याची ने ट्रायल कोर्ट में लंबित मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द करने की मांग में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि याचिकाकर्ता और पीड़िता ने 22 अप्रैल 2022 को शादी कर ली थी, दो साल का एक बेटा है। याचिकाकर्ता और पीड़िता ने 28 अप्रैल 2026 को आपसी समझौता भी कर लिया था।
कोर्ट ने पाया कि पीड़िता ने अपने बयान में किसी प्रकार के प्रलोभन या जबरदस्ती की बात नहीं कही है। वह अपनी मर्जी से याचिकाकर्ता संग रह रही है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के.धंडापाणि बनाम तमिलनाडु राज्य और महेश मुकुंद पटेल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य का हवाला दिया। कहा कि दोनों ने शादी कर ली और खुश हैं। इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।