डाॅ. सुब्रह्मण्यम स्वामी
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से मंदिरों के मेलों को सरकारी मेला घोषित करने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई टल गई। न्यायालय ने अगली तारीख 17 जनवरी लगाई है। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही है।
याचिका में कहा गया है कि मंदिरों के मेलों को सरकारी मेला घोषित करने के जारी की गई अधिसूचना भारत के संविधान का उल्लंघन है। यूपी सरकार मनमाने तरीके से मंदिरों और उनके धार्मिक समारोहों के प्रशासन, प्रबंधन और नियंत्रण को अपने हाथ में लेने का प्रयास कर रही है। जनहित याचिका में मंदिरों के मेलों और त्योहारों को सरकारी मेला घोषित करने या उनका नियंत्रण अपने हाथ में लेने से स्थायी रूप से रोकने का निर्देश देने की मांग की गई है।