इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भगवान राम पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह जेल में है। साथ ही उसने बिना शर्त माफी मांगी है।
न्यायमूर्ति समीर जैन की कोर्ट ने कहा, आरोपी पर दर्ज मुकदमे में अधिकतम तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। ऐसे में वह जमानत का हकदार है। फेसबुक मैसेंजर पर भगवान श्रीराम पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में रियाज अलियास ओवैसी पर जौनपुर के सुरेरी थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। ट्रायल कोर्ट में मामला लंबित है। आरोपी 28 जनवरी 24 से जेल में है।
याची के अधिवक्ता ने कहा, याची ने कभी भी भगवान राम पर फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से अपशब्द नहीं कहे। वह मुस्लिम होने के बावजूद हिंदू धर्म में आस्था रखता है। उसके दोस्त ने उसके फेसबुक का इस्तेमाल कर गलत पोस्ट किया। यह बात जब उसे पता चली तो उसने पुलिस थाने में बिना शर्त माफी मांगी।
अधिवक्ता ने कहा, देश का धर्मनिरपेक्ष तानाबाना इतना कमजोर नहीं है, जिसे फर्जी मैसेज से बिगाड़ा जा सके। अपर शासकीय अधिवक्ता ने भी पक्ष रखा। कोर्ट ने रिकॉर्ड देखने के बाद आरोपी का आपराधिक इतिहास न होने तथा उसके जेल में होने को संज्ञान में लेते हुए सशर्त जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। साथ ही कहा, शर्त के उल्लंघन पर अभियोजन पक्ष जमानत रद्द करने के लिए न्यायालय के समक्ष आवेदन करने के लिए स्वतंत्र है।